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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2087

नंबर 2087किताब 28, नंबर 52
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ الأَشَجُّ، قال حَدَّثَنَا عُقْبَةُ بْنُ خَالِدٍ السَّكُونِيُّ، عَنْ مُوسَى بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا دَخَلْتُمْ عَلَى الْمَرِيضِ فَنَفِّسُوا لَهُ فِي أَجَلِهِ فَإِنَّ ذَلِكَ لاَ يَرُدُّ شَيْئًا وَيُطَيِّبُ نَفْسَهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that the Messenger of Allah (S.A.W) said:"When one of you visits the ill, then reassure him regarding his lifespan. Indeed that will not repel anything, but it will comfort his soul
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।