सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2079

नंबर 2079किताब 28, नंबर 44
حَدَّثَنَا رَجَاءُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْعُذْرِيُّ الْبَصْرِيُّ، قال حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي رَزِينٍ، قال حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، حَدَّثَنَا مَيْمُونٌ أَبُو عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ سَمِعْتُ زَيْدَ بْنَ أَرْقَمَ، قَالَ أَمَرَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ نَتَدَاوَى مِنْ ذَاتِ الْجَنْبِ بِالْقُسْطِ الْبَحْرِيِّ وَالزَّيْتِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ مَيْمُونٍ عَنْ زَيْدِ بْنِ أَرْقَمَ ‏.‏ وَقَدْ رَوَى عَنْ مَيْمُونٍ غَيْرُ وَاحِدٍ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ هَذَا الْحَدِيثَ ‏.‏ وَذَاتُ الْجَنْبِ السُّلُّ ‏.‏
Maimun Abu' Abdullah said:"I heard Zaid bin Arqam say: 'The Messenger of Allah (S.A.W) ordered us to use Qust Al-Bahri and oil to treat Pleurisy
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।