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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2058

नंबर 2058किताब 28, नंबर 23
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ يُونُسَ الْكُوفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا الْقَاسِمُ بْنُ مَالِكٍ الْمُزَنِيُّ، عَنِ الْجُرَيْرِيِّ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَتَعَوَّذُ مِنَ الْجَانِّ وَعَيْنِ الإِنْسَانِ حَتَّى نَزَلَتِ الْمُعَوِّذَتَانِ فَلَمَّا نَزَلَتَا أَخَذَ بِهِمَا وَتَرَكَ مَا سِوَاهُمَا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنْ أَنَسٍ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Abu Sa'eed narrated:"The Messenger of Allah(S.A.W) would seek refuge from the jinn and the (evil) eye of humans, until Al-Mu'awwidhatain were revealed. So when they were revealed he used them and left other than them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 28 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।