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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 2005

नंबर 2005किताब 27, नंबर 111
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ الضَّبِّيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو وَهْبٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ، أَنَّهُ وَصَفَ حُسْنَ الْخُلُقِ فَقَالَ هُوَ بَسْطُ الْوَجْهِ وَبَذْلُ الْمَعْرُوفِ وَكَفُّ الأَذَى ‏.‏
Abu Wahb narrated that :'Abdullah bin Al-Mubarak explained good character, and then he said: "It is a smiling face, doing one's best in good, and refraining from harm
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।