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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1962

नंबर 1962किताब 27, नंबर 68
حَدَّثَنَا أَبُو حَفْصٍ، عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، حَدَّثَنَا صَدَقَةُ بْنُ مُوسَى، حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ دِينَارٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ غَالِبٍ الْحُدَّانِيُّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَصْلَتَانِ لاَ تَجْتَمِعَانِ فِي مُؤْمِنٍ الْبُخْلُ وَسُوءُ الْخُلُقِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ صَدَقَةَ بْنِ مُوسَى ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that the Messenger of Allah said:"Two traits are not combined in a believer: Stinginess and bad manners
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।