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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1920

नंबर 1920किताब 27, नंबर 26
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، مُحَمَّدُ بْنُ أَبَانَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ لَيْسَ مِنَّا مَنْ لَمْ يَرْحَمْ صَغِيرَنَا وَيَعْرِفْ شَرَفَ كَبِيرِنَا ‏"‏ ‏.‏ حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا عَبْدَةُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، نَحْوَهُ إِلاَّ أَنَّهُ قَالَ ‏"‏ وَيَعْرِفْ حَقَّ كَبِيرِنَا ‏"‏ ‏.‏
Amr bin Shu'aib narrated that his father, from his grandfather, who said that the Messenger of Allah said:'He is not one of us who does not have mercy upon our young, nor knows the honor of our elders
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।