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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1908

नंबर 1908किताब 27, नंबर 14
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، حَدَّثَنَا بَشِيرٌ أَبُو إِسْمَاعِيلَ، وَفِطْرُ بْنُ خَلِيفَةَ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَيْسَ الْوَاصِلُ بِالْمُكَافِئِ وَلَكِنَّ الْوَاصِلَ الَّذِي إِذَا انْقَطَعَتْ رَحِمُهُ وَصَلَهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ سَلْمَانَ وَعَائِشَةَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ ‏.‏
Abdullah bin Amr narrated that:the Prophet said: "Merely maintaining the ties of kinship is not adequate. But connecting the ties of kinship is when his ties to the womb are severed and he connects it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · Chapters on Righteousness And Maintaining Good Relations With Relatives

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।