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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1842

नंबर 1842किताब 25, नंबर 58
حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْخُزَاعِيُّ الْبَصْرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ مُحَارِبِ بْنِ دِثَارٍ، عَنْ جَابِرٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ نِعْمَ الإِدَامُ الْخَلُّ ‏"‏ ‏.‏ هَذَا أَصَحُّ مِنْ حَدِيثِ مُبَارَكِ بْنِ سَعِيدٍ ‏.‏
Narrated Jabir: That the Prophet (ﷺ) said: "What an excellent condiment vinegar is." There are narrations on this topic from 'Aishah and Umm Hani', and this is more correct than the narration of Mubarak bin Sa'eed (no)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।