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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1839

नंबर 1839किताब 25, नंबर 55
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَرَفَةَ، حَدَّثَنَا مُبَارَكُ بْنُ سَعِيدٍ، هُوَ أَخُو سُفْيَانَ بْنِ سَعِيدٍ الثَّوْرِيِّ عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ نِعْمَ الإِدَامُ الْخَلُّ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَائِشَةَ وَأُمِّ هَانِئٍ ‏.‏
Narrated Jabir: That the Prophet (ﷺ) said: "What an excellent condiment vinegar is
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।