सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1814

नंबर 1814किताब 25, नंबर 28
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا أَبُو أَحْمَدَ الزُّبَيْرِيُّ، وَعُبَيْدُ اللَّهِ، عَنِ الثَّوْرِيِّ، عَنْ جَبَلَةَ بْنِ سُحَيْمٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَقْرِنَ بَيْنَ التَّمْرَتَيْنِ حَتَّى يَسْتَأْذِنَ صَاحِبَهُ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ سَعْدٍ مَوْلَى أَبِي بَكْرٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar: "The Messenger of Allah (ﷺ) prohibited taking two dates at a time until seeking permission from one's companion." He said: There is something on this topic from Sa'd the freed slave of Abu Bakr. [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Sahih
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।