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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1774

नंबर 1774किताब 24, नंबर 62
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، ح وَحَدَّثَنَا الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا مَعْنٌ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَمْشِي أَحَدُكُمْ فِي نَعْلٍ وَاحِدَةٍ لِيُنْعِلْهُمَا جَمِيعًا أَوْ لِيُحْفِهِمَا جَمِيعًا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ جَابِرٍ ‏.‏
Narrated Abu Hurairah: That the Messenger of Allah (ﷺ) said: "Do not walk in one sandal, either wear both sandals, or go barefoot." [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Sahih. He said: There is something on this topic from Jabir
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book on Clothing

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।