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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1765

नंबर 1765किताब 24, नंबर 48
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ الْحَجَّاجِ الصَّوَّافُ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ الدَّسْتَوَائِيُّ، حَدَّثَنِي أَبِي، عَنْ بُدَيْلِ بْنِ مَيْسَرَةَ الْعُقَيْلِيِّ، عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ أَسْمَاءَ بِنْتِ يَزِيدَ بْنِ السَّكَنِ الأَنْصَارِيَّةِ، قَالَتْ كَانَ كُمُّ يَدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلَى الرُّسْغِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Asma' bint Yazid bin As-Sakan Al-Ansariyyah:"The sleeves of (the shirt) of the Messenger of Allah (ﷺ) were to the wrist." [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Gharib
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book on Clothing

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।