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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1761

नंबर 1761किताब 24, नंबर 44
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ إِنَّمَا كَانَ فِرَاشُ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم الَّذِي يَنَامُ عَلَيْهِ أَدَمٌ حَشْوُهُ لِيفٌ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ حَفْصَةَ وَجَابِرٍ ‏.‏
Narrated 'Aishah: "The only bed that the Messenger of Allah had which he slept was [made of a tanned skin] stuffed with palm-fibres." [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Sahih. He Said: There are narrations on thus topic from Hafsah and Jabir
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book on Clothing

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।