सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1747

नंबर 1747किताब 24, नंबर 28
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الأَنْصَارِيُّ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ ثُمَامَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كَانَ نَقْشُ خَاتَمِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم مُحَمَّدٌ سَطْرٌ وَرَسُولُ سَطْرٌ وَاللَّهِ سَطْرٌ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Anas bin Malik:"The inscription on the ring of the Prophet (ﷺ) was in three lines: 'Muhammad' on a line, 'Messenger' on a line, and 'Allah' on a line
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book on Clothing

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।