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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1735

नंबर 1735किताब 24, नंबर 16
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ دَخَلَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم مَكَّةَ يَوْمَ الْفَتْحِ وَعَلَيْهِ عِمَامَةٌ سَوْدَاءُ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَعَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَرُكَانَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Jabir: "On the day of the Conquest, the Prophet (ﷺ) entered Makkah, and he was wearing a black 'Imamah." [He said:] THere are narrations on this topic from 'Ali, 'Amr bin Huraith, Ibn 'Abbas, Rukanah. [Abu 'Eisa said:] The Hadith is Jabir is Hasan Sahih Hadith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book on Clothing

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।