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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1732

नंबर 1732किताब 24, नंबर 13
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، أَخْبَرَنَا عَفَّانُ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ أُمِّ الْحَسَنِ الْبَصْرِيِّ، أَنَّ أُمَّ سَلَمَةَ، حَدَّثَتْهُمْ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم شَبَّرَ لِفَاطِمَةَ شِبْرًا مِنْ نِطَاقِهَا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ عَنْ عَلِيِّ بْنِ زَيْدٍ عَنِ الْحَسَنِ عَنْ أُمِّهِ عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ ‏.‏ وَفِي هَذَا الْحَدِيثِ رُخْصَةٌ لِلنِّسَاءِ فِي جَرِّ الإِزَارِ لأَنَّهُ يَكُونُ أَسْتَرَ لَهُنَّ ‏.‏
Narrated Umm Salamah: "The Prophet (ﷺ) slackened Fatimah's garment a hand-span." [Abu 'Eisa said:] Some of them reported it from Hammad bin Salamah, from 'Ali bin Zaid, from Al-Hasan, from his father, from Umm Salamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book on Clothing

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।