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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1695

नंबर 1695किताब 23, नंबर 26
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الصَّبَّاحِ الْهَاشِمِيُّ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا شَيْبَانُ يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ عَلِيِّ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يُمْنُ الْخَيْلِ فِي الشُّقْرِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ إِلاَّ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ مِنْ حَدِيثِ شَيْبَانَ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas: That the Messenger of Allah (ﷺ) said: "The blessing of the horse is in its redness." [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Gharib, we do not know of it except from this route, from the narration of Shaiban
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।