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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1673

नंबर 1673किताब 23, नंबर 4
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ الضَّبِّيُّ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَوْ أَنَّ النَّاسَ يَعْلَمُونَ مَا أَعْلَمُ مِنَ الْوَحْدَةِ مَا سَرَى رَاكِبٌ بِلَيْلٍ ‏"‏ ‏.‏ يَعْنِي وَحْدَهُ ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar:That the Messenger of Allah (ﷺ) said: "If the people knew what I know about being alone, then a rider would not journey at night." - meaning alone
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book on Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।