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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1627

नंबर 1627किताब 22, नंबर 9
حَدَّثَنَا بِذَلِكَ، زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا الْوَلِيدُ بْنُ جَمِيلٍ، عَنِ الْقَاسِمِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي أُمَامَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَفْضَلُ الصَّدَقَاتِ ظِلُّ فُسْطَاطٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ وَمَنِيحَةُ خَادِمٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ أَوْ طَرُوقَةُ فَحْلٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ غَرِيبٌ وَهُوَ أَصَحُّ عِنْدِي مِنْ حَدِيثِ مُعَاوِيَةَ بْنِ صَالِحٍ ‏.‏
अबू उमामा- रज़ियल्लाहु अन्हु- कहते हैं कि अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "सबसे उत्तम दान अल्लाह की राह में टेंट की छाया उपलब्ध कराना, अल्लाह की राह में सेवक प्रदान करना या अल्लाह की राह में जवान मादा ऊँटनी देना है"।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 22 · The Book on Virtues of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।