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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1563

नंबर 1563किताब 21, नंबर 22
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ جَهْضَمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ شَهْرِ بْنِ حَوْشَبٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ شِرَاءِ الْمَغَانِمِ حَتَّى تُقْسَمَ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Abu Sa’id Al Khudri : "The Messenger of Allah (ﷺ) prohibited selling the spoils of war until it has been distributed." There is something on this topic from Abu Hurairah. [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Gharib
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book on Military Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।