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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1551

नंबर 1551किताब 21, नंबर 4
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، عَنْ أَبِي طَلْحَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ إِذَا ظَهَرَ عَلَى قَوْمٍ أَقَامَ بِعَرْصَتِهِمْ ثَلاَثًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَحَدِيثُ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رَخَّصَ قَوْمٌ مِنْ أَهْلِ الْعِلْمِ فِي الْغَارَةِ بِاللَّيْلِ وَأَنْ يَبِيتُوا وَكَرِهَهُ بَعْضُهُمْ ‏.‏ وَقَالَ أَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ لاَ بَأْسَ أَنْ يُبَيَّتَ الْعَدُوُّ لَيْلاً ‏.‏ وَمَعْنَى قَوْلِهِ وَافَقَ مُحَمَّدٌ الْخَمِيسَ يَعْنِي بِهِ الْجَيْشَ ‏.‏
Narrated Abu Talhah:"When the Prophet (ﷺ) overtook a people he would stay at the outskirts of their city for three nights
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book on Military Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।