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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1542

नंबर 1542किताब 20, नंबर 21
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا الْمُحَارِبِيُّ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ حُصَيْنٍ، عَنْ هِلاَلِ بْنِ يِسَافٍ، عَنْ سُوَيْدِ بْنِ مُقَرِّنٍ الْمُزَنِيِّ، قَالَ لَقَدْ رَأَيْتُنَا سَبْعَةَ إِخْوَةٍ مَا لَنَا خَادِمٌ إِلاَّ وَاحِدَةٌ فَلَطَمَهَا أَحَدُنَا فَأَمَرَنَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ نُعْتِقَهَا ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عُمَرَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رَوَى غَيْرُ وَاحِدٍ هَذَا الْحَدِيثَ عَنْ حُصَيْنِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ فَذَكَرَ بَعْضُهُمْ فِي الْحَدِيثِ قَالَ لَطَمَهَا عَلَى وَجْهِهَا ‏.‏
Narrated Suwaid bin Muqarrin Al-Muzani:"We were seven brothers without a servant except one, and one of us slapped her, so the Prophet (ﷺ) ordered us to free her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Book on Vows and Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।