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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 450

नंबर 450किताब 2, नंबर 303
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدِ بْنِ أَبِي هِنْدٍ، عَنْ سَالِمٍ أَبِي النَّضْرِ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَفْضَلُ صَلاَتِكُمْ فِي بُيُوتِكُمْ إِلاَّ الْمَكْتُوبَةَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ وَجَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ وَأَبِي سَعِيدٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَابْنِ عُمَرَ وَعَائِشَةَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَعْدٍ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ زَيْدِ بْنِ ثَابِتٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَقَدِ اخْتَلَفَ النَّاسُ فِي رِوَايَةِ هَذَا الْحَدِيثِ فَرَوَاهُ مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ وَإِبْرَاهِيمُ بْنُ أَبِي النَّضْرِ عَنْ أَبِي النَّضْرِ مَرْفُوعًا وَرَوَاهُ مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ أَبِي النَّضْرِ وَلَمْ يَرْفَعْهُ وَأَوْقَفَهُ بَعْضُهُمْ وَالْحَدِيثُ الْمَرْفُوعُ أَصَحُّ ‏.‏
Zaid bin Thabit narrated that:The Prophet (S) said: "The most virtuous prayer of yours is in your homes, except for the obligatory
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।