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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 416

नंबर 416किताब 2, नंबर 269
حَدَّثَنَا صَالِحُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ التِّرْمِذِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ زُرَارَةَ بْنِ أَوْفَى، عَنْ سَعْدِ بْنِ هِشَامٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ رَكْعَتَا الْفَجْرِ خَيْرٌ مِنَ الدُّنْيَا وَمَا فِيهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَابْنِ عُمَرَ وَابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَائِشَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رَوَى أَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ عَنْ صَالِحِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ التِّرْمِذِيِّ حَدِيثَ عَائِشَةَ ‏.‏
Aishah narrated that :Allah's Messenger (S) said: "The two Rak'ah of Fajr are better than the world and what is in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।