حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قِيلَ لِلنَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَىُّ الصَّلاَةِ أَفْضَلُ قَالَ " طُولُ الْقُنُوتِ " . قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُبْشِيٍّ وَأَنَسِ بْنِ مَالِكٍ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم . قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَقَدْ رُوِيَ مِنْ غَيْرِ وَجْهٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ .
Jabir narrated:"It was said to the Prophet (S): 'Which Salat is most virtuous?' He said: 'That with the longest Qunut
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAhmad Muhammad Shakir
SahihAl-Albani
Hasan SahihBashar Awad Maarouf
SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।