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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 363

नंबर 363किताब 2, नंबर 215
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، حَدَّثَنَا شَبَابَةُ بْنُ سَوَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَلْحَةَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي مَرَضِهِ خَلْفَ أَبِي بَكْرٍ قَاعِدًا فِي ثَوْبٍ مُتَوَشِّحًا بِهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ قَالَ وَهَكَذَا رَوَاهُ يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسٍ ‏.‏ وَقَدْ رَوَاهُ غَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسٍ وَلَمْ يَذْكُرُوا فِيهِ عَنْ ثَابِتٍ ‏.‏ وَمَنْ ذَكَرَ فِيهِ عَنْ ثَابِتٍ فَهُوَ أَصَحُّ ‏.‏
Anas narrated:"Allah's Messenger performed Salat during his illness behind Abu Bakr while seated, wrapped in a garment
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।