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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 354

नंबर 354किताब 2, नंबर 206
وَرُوِيَ عَنِ ابْنِ عُمَرَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ إِذَا وُضِعَ الْعَشَاءُ وَأُقِيمَتِ الصَّلاَةُ فَابْدَءُوا بِالْعَشَاءِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَتَعَشَّى ابْنُ عُمَرَ وَهُوَ يَسْمَعُ قِرَاءَةَ الإِمَامِ ‏.‏ قَالَ حَدَّثَنَا بِذَلِكَ هَنَّادٌ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ ‏.‏
Ibn Umar narrated that:the Prophet said: "When the supper is presented and the Iqamah is called for Salat, then begin with the supper
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।