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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 231

नंबर 231किताब 2, नंबर 83
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ هِلاَلِ بْنِ يِسَافٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ رَاشِدٍ، عَنْ وَابِصَةَ بْنِ مَعْبَدٍ، أَنَّ رَجُلاً، صَلَّى خَلْفَ الصَّفِّ وَحْدَهُ فَأَمَرَهُ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُعِيدَ الصَّلاَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَسَمِعْتُ الْجَارُودَ يَقُولُ سَمِعْتُ وَكِيعًا يَقُولُ إِذَا صَلَّى الرَّجُلُ خَلْفَ الصَّفِّ وَحْدَهُ فَإِنَّهُ يُعِيدُ ‏.‏
Wabisah bin Ma'bad narrated:"A man prayed alone behind the row s the Prophet ordered him to repeat the Salat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · The Book on Salat (Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।