सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1507

नंबर 1507किताब 19, नंबर 18
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، وَهَنَّادٌ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي زَائِدَةَ، عَنْ حَجَّاجِ بْنِ أَرْطَاةَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ أَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالْمَدِينَةِ عَشْرَ سِنِينَ يُضَحِّي ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏
Narrated Ibn 'Umar :"The Messenger of Allah (ﷺ) stayed in Al-Madinah for ten years performing the Udhiyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 19 · The Book on Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।