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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1473

नंबर 1473किताब 18, नंबर 12
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحِيمِ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَبِي أَيُّوبَ الأَفْرِيقِيِّ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ أَكْلِ الْمُجَثَّمَةِ وَهِيَ الَّتِي تُصْبَرُ بِالنَّبْلِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عِرْبَاضِ بْنِ سَارِيَةَ وَأَنَسٍ وَابْنِ عُمَرَ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَجَابِرٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي الدَّرْدَاءِ حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Abu Ad-Darda':"The Messenger of Allah (ﷺ) prohibited eating the Mujath-thamah, and it is what is trapped and killed by arrows
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 18 · The Book on Hunting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।