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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1442

नंबर 1442किताब 17, नंबर 25
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ وَكِيعٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ مِسْعَرٍ، عَنْ زَيْدٍ الْعَمِّيِّ، عَنْ أَبِي الصِّدِّيقِ النَّاجِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ضَرَبَ الْحَدَّ بِنَعْلَيْنِ أَرْبَعِينَ ‏.‏ قَالَ مِسْعَرٌ أَظُنُّهُ فِي الْخَمْرِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَعَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَزْهَرَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَالسَّائِبِ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَعُقْبَةَ بْنِ الْحَارِثِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي سَعِيدٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَأَبُو الصِّدِّيقِ النَّاجِيُّ اسْمُهُ بَكْرُ بْنُ عَمْرٍو وَيُقَالُ بَكْرُ بْنُ قَيْسٍ ‏.‏
Narrated Abu Sa'eed Al-Khudri:That the Messenger of Allah (ﷺ) implemented the penalty by beating forty times, with two shoes - Mis'ar (one of the narrators) said: "It think it was for wine
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book on Legal Punishments (Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।