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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1437

नंबर 1437किताब 17, नंबर 19
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَجَمَ يَهُودِيًّا وَيَهُودِيَّةً ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عُمَرَ وَالْبَرَاءِ وَجَابِرٍ وَابْنِ أَبِي أَوْفَى وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ بْنِ جَزْءٍ وَابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَكْثَرِ أَهْلِ الْعِلْمِ قَالُوا إِذَا اخْتَصَمَ أَهْلُ الْكِتَابِ وَتَرَافَعُوا إِلَى حُكَّامِ الْمُسْلِمِينَ حَكَمُوا بَيْنَهُمْ بِالْكِتَابِ وَالسُّنَّةِ وَبِأَحْكَامِ الْمُسْلِمِينَ وَهُوَ قَوْلُ أَحْمَدَ وَإِسْحَاقَ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُهُمْ لاَ يُقَامُ عَلَيْهِمُ الْحَدُّ فِي الزِّنَا ‏.‏ وَالْقَوْلُ الأَوَّلُ أَصَحُّ ‏.‏
Narrated Jabir bin Samurah:That the Prophet (ﷺ) stoned a Jew and a Jewess
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 17 · The Book on Legal Punishments (Al-Hudud)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।