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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1390

नंबर 1390किताब 16, नंबर 5
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، أَخْبَرَنَا يَزِيدُ بْنُ زُرَيْعٍ، أَخْبَرَنَا حُسَيْنٌ الْمُعَلِّمُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ فِي الْمَوَاضِحِ خَمْسٌ خَمْسٌ ‏"‏ ‏.‏ قال أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ وَهُوَ قَوْلُ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَالشَّافِعِيِّ وَأَحْمَدَ وَإِسْحَاقَ أَنَّ فِي الْمُوضِحَةِ خَمْسًا مِنَ الإِبِلِ ‏.‏
Narrated 'Amr bin Shu'aib:from his father, from his grandfather that the Prophet (ﷺ) said: "Regarding the Mawadih; five, five
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।