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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1382

नंबर 1382किताब 15, नंबर 63
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَا مِنْ مُسْلِمٍ يَغْرِسُ غَرْسًا أَوْ يَزْرَعُ زَرْعًا فَيَأْكُلُ مِنْهُ إِنْسَانٌ أَوْ طَيْرٌ أَوْ بَهِيمَةٌ إِلاَّ كَانَتْ لَهُ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي أَيُّوبَ وَجَابِرٍ وَأُمِّ مُبَشِّرٍ وَزَيْدِ بْنِ خَالِدٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Narrated Anas:that the Prophet (ﷺ) said: "No Muslim plants a plant or sows a crop, then a person, or a bird, or an animal eats from it, except that it will be charity for him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters On Judgements From The Messenger of Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।