حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ جَعْفَرٍ، عَنِ الْعَلاَءِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، رضى الله عنه أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ " إِذَا مَاتَ الإِنْسَانُ انْقَطَعَ عَمَلُهُ إِلاَّ مِنْ ثَلاَثٍ صَدَقَةٌ جَارِيَةٌ وَعِلْمٌ يُنْتَفَعُ بِهِ وَوَلَدٌ صَالِحٌ يَدْعُو لَهُ " . قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ .
Abu Hurairah, may Allah be pleased with him, narrated that the Messenger of Allah (ﷺ) said:"When a person dies, his deeds are cut off except for three: Continuing charity, knowledge that others benefited from, and a righteous son who supplicates for him
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAhmad Muhammad Shakir
SahihAl-Albani
Hasan SahihBashar Awad Maarouf
Sahih MuslimZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।