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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1360

नंबर 1360किताब 15, नंबर 40
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ عَبْدِ الْعَزِيزِ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم اسْتَعَارَ قَصْعَةً فَضَاعَتْ فَضَمِنَهَا لَهُمْ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ غَيْرُ مَحْفُوظٍ ‏.‏ وَإِنَّمَا أَرَادَ عِنْدِي سُوَيْدٌ الْحَدِيثَ الَّذِي رَوَاهُ الثَّوْرِيُّ وَحَدِيثُ الثَّوْرِيِّ أَصَحُّ ‏.‏ اسْمُ أَبِي دَاوُدَ عُمَرُ بْنُ سَعْدٍ ‏.‏
Anas narrated that the Messenger of Allah (ﷺ) borrowed a bowl which broke, so he guaranteed (compensated) it for them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very Daif IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Very Daif IsnaadAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters On Judgements From The Messenger of Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।