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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1337

नंबर 1337किताब 15, नंबर 17
حَدَّثَنَا أَبُو مُوسَى، مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا أَبُو عَامِرٍ الْعَقَدِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ، عَنْ خَالِهِ الْحَارِثِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، قَالَ لَعَنَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الرَّاشِي وَالْمُرْتَشِي ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abdullah bin 'Amr narrated:"The Messenger of Allah (ﷺ) cursed the one who bribes and the one who takes a bribe
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters On Judgements From The Messenger of Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।