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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1323

नंबर 1323किताब 15, नंबर 3
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ عَبْدِ الأَعْلَى، عَنْ بِلاَلِ بْنِ أَبِي مُوسَى، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ سَأَلَ الْقَضَاءَ وُكِلَ إِلَى نَفْسِهِ وَمَنْ أُجْبِرَ عَلَيْهِ يُنْزِلُ اللَّهُ عَلَيْهِ مَلَكًا فَيُسَدِّدُهُ ‏"‏ ‏.‏
Anas bin Malik narrated that the Messenger of Allah (sallAllahu Alayhi wa sallam) said:"Whoever asks for a position as a judge, then he left on his own. And whoever is forced onto it, Allah sends an angel down to him so that he can be correct." (Daif)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Chapters On Judgements From The Messenger of Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।