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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1249

नंबर 1249किताब 14, नंबर 49
حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ حَفْصٍ الشَّيْبَانِيُّ، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم خَيَّرَ أَعْرَابِيًّا بَعْدَ الْبَيْعِ ‏.‏ وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Narrated Jabir: "The Prophet (ﷺ) gave a Bedouin the option after a sale." This Hadith is Hasan Gharib
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book on Business

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।