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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1228

नंबर 1228किताब 14, नंबर 28
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلاَّلُ، حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، وَعَفَّانُ، وَسُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ بَيْعِ الْعِنَبِ حَتَّى يَسْوَدَّ وَعَنْ بَيْعِ الْحَبِّ حَتَّى يَشْتَدَّ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ مَرْفُوعًا إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ ‏.‏
Narrated Anas: "The Messenger of Allah (ﷺ) prohibited selling grapes until they appear and selling grains until they become firm." [Abu 'Eisa said:] This Hadith is Hasan Gharib, we do not know of it being Marfu' except from the narration of Hammad bin Salamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 14 · The Book on Business

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।