حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ التَّيْمِيُّ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ نَهَى عَنْ تَلَقِّي الْبُيُوعِ . قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَأَبِي سَعِيدٍ وَابْنِ عُمَرَ وَرَجُلٍ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم .
Narrated Ibn Mas'ud: From the Prophet (ﷺ): "He prohibited meeting the owners of the goods." [He said:] There are narrations on this topic from 'Ali, Ibn 'Abbas, Abu Hurairah, Abu Sa'eed, Ibn 'Umar, and a man from the Companions of the Prophet (ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAhmad Muhammad Shakir
SahihAl-Albani
Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।