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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1203

नंबर 1203किताब 13, नंबर 30
أَنْبَأَنَا قُتَيْبَةُ، أَنْبَأَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ لاَعَنَ رَجُلٌ امْرَأَتَهُ وَفَرَّقَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بَيْنَهُمَا وَأَلْحَقَ الْوَلَدَ بِالأُمِّ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏
Ibn Umar narrated:"A man pronounced the Li'an on his wife, and the Prophet separated the two of them, and he decide that the child belonged to the mother
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book on Divorce and Li'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।