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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1199

नंबर 1199किताब 13, नंबर 26
أَنْبَأَنَا أَبُو عَمَّارٍ الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، أَنْبَأَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنِ الْحَكَمِ بْنِ أَبَانَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَجُلاً، أَتَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَدْ ظَاهَرَ مِنِ امْرَأَتِهِ فَوَقَعَ عَلَيْهَا فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي قَدْ ظَاهَرْتُ مِنْ زَوْجَتِي فَوَقَعْتُ عَلَيْهَا قَبْلَ أَنْ أُكَفِّرَ ‏.‏ فَقَالَ ‏"‏ وَمَا حَمَلَكَ عَلَى ذَلِكَ يَرْحَمُكَ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ رَأَيْتُ خُلْخَالَهَا فِي ضَوْءِ الْقَمَرِ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ فَلاَ تَقْرَبْهَا حَتَّى تَفْعَلَ مَا أَمَرَكَ اللَّهُ بِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ ‏.‏
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) से वर्णित है, वह कहते हैंः एक व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आया। उसने अपनी पत्नी से 'ज़िहार' करने के बाद उससे संभोग कर लिया था। उसने कहाः ऐ अल्लाह के रसूल, मैंने अपनी पत्नी से ज़िहार किया और कफ़्फ़ारा अदा करने से पहले उससे संभोग कर लिया है। आपने पूछाः "तुझपर अल्लाह दया करे, तुमने ऐसा क्यों किया?" उसने कहाः मैंने चाँद की रोशनी में उसके पाज़ेब को देखा (और ख़ुद पर क़ाबू न रख सका)। आपने कहाः "अब उसके निकट उस काम को करने से पहले न जाना, जिसका आदेश अल्लाह ने तुझे दिया है।"

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 13 · The Book on Divorce and Li'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।