सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1187

नंबर 1187किताब 13, नंबर 14
أَنْبَأَنَا بِذَلِكَ بُنْدَارٌ أَنْبَأَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ أَنْبَأَنَا أَيُّوبُ عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ عَمَّنْ حَدَّثَهُ عَنْ ثَوْبَانَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ أَيُّمَا امْرَأَةٍ سَأَلَتْ زَوْجَهَا طَلاَقًا مِنْ غَيْرِ بَأْسٍ فَحَرَامٌ عَلَيْهَا رَائِحَةُ الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَيُرْوَى هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ عَنْ أَبِي أَسْمَاءَ عَنْ ثَوْبَانَ ‏.‏ وَرَوَاهُ بَعْضُهُمْ عَنْ أَيُّوبَ بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏
Thawban narrated that :The Messenger of Allah said: "Whichever woman seeks a Khul from her husband without harm (cause), then the scent of Paradise will be unlawful for her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book on Divorce and Li'an

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।