أَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحِيمِ الْبَغْدَادِيُّ، أَنْبَأَنَا عَلِيُّ بْنُ بَحْرٍ، أَنْبَأَنَا هِشَامُ بْنُ يُوسُفَ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ امْرَأَةَ، ثَابِتِ بْنِ قَيْسٍ اخْتَلَعَتْ مِنْ زَوْجِهَا عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَأَمَرَهَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم أَنْ تَعْتَدَّ بِحَيْضَةٍ . قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ . وَاخْتَلَفَ أَهْلُ الْعِلْمِ فِي عِدَّةِ الْمُخْتَلِعَةِ فَقَالَ أَكْثَرُ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَغَيْرِهِمْ إِنَّ عِدَّةَ الْمُخْتَلِعَةِ عِدَّةُ الْمُطَلَّقَةِ ثَلاَثُ حِيَضٍ . وَهُوَ قَوْلُ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَأَهْلِ الْكُوفَةِ وَبِهِ يَقُولُ أَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ . وَقَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَغَيْرِهِمْ إِنَّ عِدَّةَ الْمُخْتَلِعَةِ حَيْضَةٌ . قَالَ إِسْحَاقُ وَإِنْ ذَهَبَ ذَاهِبٌ إِلَى هَذَا فَهُوَ مَذْهَبٌ قَوِيٌّ .
अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अंहुमा) का वर्णन है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के युग में साबित बिन क़ैस (रज़ियल्लाहु अंहु) की पत्नी ने उनसे ख़ुला ले लिया, तो आपने ने उन्हें एक माहवारी तक इद्दत में रहने का आदेश दिया।
जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।