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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1165

नंबर 1165किताब 12, नंबर 20
حَدَّثَنَا أَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ، حَدَّثَنَا أَبُو خَالِدٍ الأَحْمَرُ، عَنِ الضَّحَّاكِ بْنِ عُثْمَانَ، عَنْ مَخْرَمَةَ بْنِ سُلَيْمَانَ، عَنْ كُرَيْبٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَنْظُرُ اللَّهُ إِلَى رَجُلٍ أَتَى رَجُلاً أَوِ امْرَأَةً فِي الدُّبُرِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏ وَرَوَى وَكِيعٌ هَذَا الْحَدِيثَ ‏.‏
Ibn Abbas narrated that The Messenger of Allah said:“Allah will not look at a man who enters a man or a woman in the behind.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book on Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।