सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1161

नंबर 1161किताब 12, नंबर 16
حَدَّثَنَا وَاصِلُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الْكُوفِيُّ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ أَبِي نَصْرٍ، عَنْ مُسَاوِرٍ الْحِمْيَرِيِّ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَيُّمَا امْرَأَةٍ مَاتَتْ وَزَوْجُهَا عَنْهَا رَاضٍ دَخَلَتِ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ ‏.‏
Umm Salamah narrated that The Messenger of Allah said:“Whichever woman dies while her husband is pleased with her, then she enters Paradise.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • HasanBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book on Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।