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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1146

नंबर 1146किताब 12, नंबर 1
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ حَرَّمَ مِنَ الرَّضَاعِ مَا حَرَّمَ مِنَ النَّسَبِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَائِشَةَ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَأُمِّ حَبِيبَةَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ عَلِيٍّ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Ali (bin Abi Talib) narrated that The Messenger of Allah said:“Indeed Allah has made unlawful through suckling whatever He made unlawful through lineage.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihBashar Awad Maarouf
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book on Suckling

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।