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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1143

नंबर 1143किताब 11, नंबर 65
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ بُكَيْرٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنِي دَاوُدُ بْنُ الْحُصَيْنِ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ رَدَّ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ابْنَتَهُ زَيْنَبَ عَلَى أَبِي الْعَاصِي بْنِ الرَّبِيعِ بَعْدَ سِتِّ سِنِينَ بِالنِّكَاحِ الأَوَّلِ وَلَمْ يُحْدِثْ نِكَاحًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ لَيْسَ بِإِسْنَادِهِ بَأْسٌ وَلَكِنْ لاَ نَعْرِفُ وَجْهَ هَذَا الْحَدِيثِ وَلَعَلَّهُ قَدْ جَاءَ هَذَا مِنْ قِبَلِ دَاوُدَ بْنِ حُصَيْنٍ مِنْ قِبَلِ حِفْظِهِ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:"The Prophet returned his daughter Zainab to Abul-As bin Ar-Rabi after six years in the first marriage without renewing the marriage
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।