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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1133

नंबर 1133किताब 11, नंबर 55
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا اللَّيْثُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَبِي بَكْرِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِي مَسْعُودٍ الأَنْصَارِيِّ، قَالَ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ ثَمَنِ الْكَلْبِ وَمَهْرِ الْبَغِيِّ وَحُلْوَانِ الْكَاهِنِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ رَافِعِ بْنِ خَدِيجٍ وَأَبِي جُحَيْفَةَ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَابْنِ عَبَّاسٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي مَسْعُودٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abu Mas'ud Al-Ansari narrated:"The Messenger of Allah prohibited the price of a dog, the dowry of a fornicator, and the payment made to the fortune-teller
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।